झारखंड की हालत क्या हो रही है। मरांड़ी से सोरेन तक का सफर क्या कह रहा है। राजनीतिक उठापटक और सत्ता के लिए आपाधापी उसके बाद कुर्सी के लिए मारा मारी। ये सबकुछ सारे देश के राजनीतिक परिवेश में व्याप्त है तो फिर झारखंड की हालत ऐसी क्यों हो गयी है.....कमोवेश केन्द्र सरकार की भी हालत कुछ ऐसी ही है। फिर भी झारखंड की हालत कुछ ज्यादा असरदार हो रही है।
सोमवार, 12 जनवरी 2009
रविवार, 9 नवंबर 2008
शनिवार, 8 नवंबर 2008
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