बुधवार, 16 जून 2010
एंडरसन, कांग्रेस और राष्ट्रधर्म
कांग्रेस ने एंडरसन को भगाने के मामले में एक नया और शर्मनाक तर्क गढ़ लिया है। पार्टी की तरफ से लीगल सेल ने बयान जारी किया है कि एंडरसन को भगाना राष्ट्रधर्म था क्योंकि भोपाल के हालात बड़े खराब थे। उसे कोई मार देता तो क्या होता। यह दूसरा नया तर्क है। पहला अर्जुन सिंह के माथे सारा कुछ मढ़ने की कवायद और अब एंडरसन को भगाने को जायज ठहराना। इसके लिए कसाब का उदाहरण भी दे डाला है कि वह दोषी है लेकिन उसकी रक्षा में सरकार लाखों रूपये खर्च कर रही है। अर्जुन सिंह की चुप्पी और उनके उपर ही कांग्रेसियों का आरोप, उसके बाद एंडरसन को भगाने को तर्कसंगत बनाने की कोशिश करना, ये दोनों ही बातें एक ही कड़ी में है। कांग्रेस के सामने पहला लक्ष्य है राजीव गांधी को बचाना। विपक्ष बार बार राजीव गांधी को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा है। इसलिए कांग्रेस के नेता यह एक नया बयान दे रहे हैं। पार्टी के नेता भी जानते हैं कि इससे बहुत असर पड़ने वाला नहीं है लेकिन कार्यकर्ताओं को बोलने का एक तर्क मिल जाएगा। अब अगर पीसी एलेक्जेंडर अपना मुंह खोलते हैं या कोई संकेत देते हैं तो फिर राजनीतिक बबंडर उठेगा और इसके लिए एक रास्ता कांग्रेसियों ने बना कर रख दिया है ताकि राष्ट्रधर्म के नाम पर कुछ बोला जा सके।
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ (Atom)